क्या दांव सरकार ने खेल दिया,
न्यूनतम समर्थन मूल्य का भी,
भविष्य ताक में रख दिया 11
भण्डारण की सीमा बढ़ाकर,
वह किसान भण्डारण क्या कर पाएगा,
बारिश में टपकती छतों में वह कहाँ,
गेंहू ,धान सहेजकर रख पायेगा 11
कॉन्ट्रैक्ट खेती का करार कहीं,
कागज़ी दस्तावेज़ बनकर तो नहीं रह जायेगा,
कागज़ी दस्तावेज़ बनकर तो नहीं रह जायेगा,
यही सोचकर घबराता किसान कहीं,
फिर हाशिए पर तो नहीं आ जायेगा 11

सुंदर रचना।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद
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