अनुभूति
जीवन मार्ग पर शिथिल होकर मैंने, राहों को कुछ खोजते हुए देखा हैं 1
कुछ खोज रही प्रकृति को मैंने ,कुछ पाते हुए देखा हैं 11
तेज़ हवाओ मे उड़ते पत्तों को मैंने ,ठहरते हुए देखा हैं 1
तेज़ी से भागती दुनियाँ में मैंने, कुछ लोगो को संतुष्ट भी देखा हैँ 11
कुछ झूठे चेहरों मे मैंने , सच्चे चेहरों को भी देखा है 1
रंग - बिरंगे मेलों मे मैंने ,शरबत में प्यार का रंग भरते लोगो को भी देखा हें 11
चमकते हुए तारों में मैंने ,एक तारे के टूटने पर उदास होते आसमान को देखा है 1
धुप में सुलगते राही को मैंने ,पीपल की छाँव में सुकून से सोते हुए भी देखा है 11
चुनाव के बाद नेताओ के वादों को मैंने ,खोखले होते हुए भी देखा है 1
जीवन के रंग-मंच में मैंने ,लोगो को कई क़िरदार निभाते हुए देखा है 11
इस जीवन रूपी चक्र में मैंने , मेहनत और भाग्य का सामंजस्य भी देखा है 1
साथ ही मैंने ,अपने आप को लहर के समान कभी तेज़ और मंद होते भी देखा हैँ 11
